पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी भंगू समेत चार अधिकारी गिरफ्तार
जांच में नहीं कर रहे थे सहयोग
नई दिल्ली-
सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।
इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप है कि इन लोगों ने कृषि भूमि के विकास तथा बिक्री के नाम पर देश भर के 5.5 करोड़ निवेशकों से 45 हजार करोड़ रुपये एकत्रित किए थे। निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच दिया गया था।
फर्जी भूमि किए गए थे आवंटित
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी भूमि आवंटन पत्र दिए थे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक छानबीन में भारत तथा विदेश में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति के भी दस्तावेज मिले हैं।
यह भी पता चला है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने जब पर्ल्स गोल्डेन फॉरेस्ट लिमिटेड (पीजीएफ) को स्कीम बंद करने तथा निवेशकों का रुपया वापस करने का आदेश दिया तो पर्ल्स एग्रोटेक कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के नाम से वैसी ही दूसरी फर्जी योजना चला दी गई।
इसका ऑफिस नई दिल्ली के बाराखंभा में खोला गया और पीएसीएल से मिले रुपये पीजीएफ के निवेशकों को लौटाने में इस्तेमाल किए गए। लोगों से पैसा ऐंठने के लिए पूरे देश में लाखों कमीशन एजेंट का जाल बिछाया गया था। इन एजेंटों को मोटा कमीशन दिया जाता था।
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