अव डिजिटल कलेवर में दिखेगी उत्तर प्रदेश पुलिस नए प्रोजेक्ट
अब DIGITAL कलेवर में दिखेगी UP पुलिस, ये हैं नए प्रोजेक्ट
लखनऊ.यूपी पुलिस के लिए साल 2015 बेहद खास रहा, लेकिन साल 2016 में नए डीजीपी के साथ पुलिस डिजिटल कलेवर में नजर आने की तैयारी कर रही है। इसकी शुरुआत नए साल पर ऑनलाइन एफआईआर की शुरुआत के रूप में हो गई है। साथ ही वीमेन पॉवर लाइन 1090 एप को भी प्रमोट किया जाएगा। डीजीपी जावीद अहमद ने बताया कि महिलाओं को ज्यादा शक्ति देने के लिए 1090 को प्रमोट किया जा रहा है। आगे पढ़िए, नए साल में क्या-क्या है प्रोजेक्ट...
नए साल में ये होंगे प्रोजेक्ट
- नए साल के तोहफे के रूप में ऑनलाइन एफआईआर की शुरुआत।
- यूपी लेवल पर डायल 100 प्रोजेक्ट।
- 34 हजार से ज्यादा कांस्टेबल के पदों पर भर्ती प्रक्रिया का नोटिफिकेशन।
वीमेन पॉवर लाइन 1090 होगा प्रमोट
- 1090 एप लांच होने के बाद तकनीकी कारणों से बेहतर काम नहीं कर रहा था, जिसे अपग्रेड कर प्रमोट किया जाएगा।
- इस एप की मदद से इमरजेंसी में महिलाएं संबंधित नजदीकी थाने में अपनी सटीक स्थिति बता सकेंगी।
- ऐसा करने के लिए सिर्फ एक बटन दबाना होगा, जिससे पुलिस आसानी से उन तक पहुंच सके।
डीजीपी ने जारी किया फरमान
- प्रदेश में क्राइम कंट्रोल के लिए डीजीपी जावीद अहमद ने आदेश दिया है कि 58 साल से अधिक के बुजुर्ग अब थानेदार नहीं बनेंगे।
- सस्पेंड-लाइन हाजिर होने पर दरोगाओं को फिर पोस्टिंग के लिए भी तीन महीने का इंतजार करना पड़ेगा।
- जुगाड़ से एक थाने में दो बार किसी एसओ को तैनाती नहीं मिलेगी।
- जनवरी-जुलाई की अप्रूवल लिस्ट वाले ही एसओ बनेंगे।
- ईमानदारी पर सवाल उठा तो पांच साल वह दरोगा थानेदार नहीं बन पाएगा।
- सजा मिलने पर तीन साल तक एसओ नहीं बनेंगे।
- सीनियारिटी को दरकिनार कर जूनियर को चार्ज देने के लिए को डीआईजी की मंजूरी लेनी पड़ेगी।
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