उत्तराखंड हाईकोर्ट कांग्रेस के 9 बागियों को बड़ा झटका
कांग्रेस के बागी विधायकों की सदस्यता मामले पर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए सुनवाई के लिए समय देने से इनकार कर दिया है. बागियों के वकील लगातार सुनवाई के लिए समय बढ़ाने की मांग रहे थे.
हाईकोर्ट का कहना है कि सदस्यता मामले पर सुनवाई आज ही होगी. इसके लिए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 2 बजे से सुनवाई के लिए समय तय किया है. इससे पहले न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी हाईकोर्ट की खंडपीठ में बैठेंगे
आपको दें कि 27 मार्च को स्पीकर ने कांग्रेस के 9 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था. इस आदेश को खानपुर विधायक कुंवर प्रणव और नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल ने हाईकोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दी है.इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीमकोर्ट में ने हाईकोर्ट के उस फैसले पर स्टे लगा दिया है जिसमें उत्तराखंड से राष्ट्रपति शासन हटाने का आदेश दिया गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है. इसका मतलब साफ है कि उत्तराखंड में 27 अप्रैल तक राष्ट्रपति शासन रहेगा. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को फैसले की प्रति 26 अप्रैल तक देने का निर्देश दिया है.सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि अभी क्या हालात हैं? हमें मीडिया से पता चला 11 फैसले लिए गए. राज्यपाल ने जो संदेश भेजा वो क्या है?
गौरतलब है कि हरीश रावत सरकार के 9 विधायकों ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत के नेतृत्व में बगावत कर दी थी. जिसके बाद केंद्र ने वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर दी थी.
लेकिन हरीश रावत का दावा है कि उनके पास बहुमत है और उन्हें समय देने के बाद भी विधानसभा में इसे सिद्ध करने का मौका नहीं दिया. इसी बात को आधार बनाकर हाईकोर्ट में याचिका डाली गई थी. वहीं विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने 9 बागी विधायकों की भी सदस्यता रद्द कर दी थी.
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