बेटे मुख्यमंत्री की जिद के आगे झुके मुलायम सिंह यादव सपा सुप्रीमो
बेटे की जिद के आगे झुके नेताजी , बर्खास्त नेताओं की हुई सपा में वापसी
लखनऊ-
सीएम अखिलेश यादव की जिद के आगे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को अखिरकार झुकना पड़ा। पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बर्खास्त किए गए सीएम की कोर टीम के सदस्य सुनील यादव ‘साजन’ और आनंद भदौरिया की सपा में वापसी हो गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुलायम सिंह ने सुनील यादव और आनंद भदौरिया के प्रत्यावेदन पर विचार करते हुए इनकी पार्टी से हुई बर्खास्तगी को कैंसिल कर दिया। आगे पढ़िए,
क्यों बर्खास्त किए गए थे दोनों सपा नेता…
क्या है मामला?
25 दिसंबर 2015 को सुनील यादव ‘साजन’ और आनंद भदौरिया पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का कारण बताते हुए दोनों को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया था। पार्टी के इस फैसले से सीएम अखिलेश यादव काफी नाराज हो गए थे। बताया जा रहा था कि यही वजह है कि सीएम 26 दिसंबर से शुरू हुए अपने पारवारिक जलसे सैफई महोत्सव में भी नहीं पहुंचे थे।
पांच दिन बाद सैफई महोत्सव पहुंचे थे सीएम
सैफई महोत्सव का उद्घाटन सीएम अखिलेश को करना था और आईजीसीएल की शुरुआत भी उन्हें ही करनी थी, लेकिन नाराजगी की वजह से ऐसा नहीं हुआ। वे महोत्सव के पांचवें दिन सैफई महोत्सव में पहुंचे। यही नहीं पिछले पांच दिनों में मौका पड़ने पर भी वह अपने पिता मुलायम सिंह के सामने नहीं आए।
सीएम की कोर टीम के मेंबर हैं दोनों
सुनील सिंह साजन और आनंद भदौरिया दोनों ही सीएम की कोर टीम के मेंबर हैं।
आनंद भदौरिया लखीमपुर से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, जबकि सुनील यादव दर्जा प्राप्त मंत्री रह चुके हैं।
सैफई महोत्सव में सीएम अखिलेश के नहीं जाने से कई सवाल भी खड़े हो रहे थे।
आयोजक सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा था कि नाराजगी की कोई बात नहीं है। सैफई महोत्सव लंबा चलेगा और सीएम आएंगे।
क्या कहा आनंद भदौरिया ने
सपा में वापसी के बाद आनंद भदौरिया ने कहा, ”हम लोग पार्टी के सिपाही हैं। नेता जी जो भी फैसला लेंगे वह हमें मंजूर होगा। हो सकता है उन्हें हमारी कोई गलती नजर आई हो, तभी हमें सजा दी, लेकिन बाद में अपना फैसला वापस ले लिया।”
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