तंवर के तेवर देख थर्राए एटा एआरटीओ ऑफिस के दलाल,कई चढ़े हत्थे
एक बार फिर देखने को मिलें.....
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एटा:- एआरटीओ कार्यालय में प्रशासन की दस्तक कई दलालो पर शिकंजा
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एटा:- एआरटीओ कार्यालय में प्रशासन की दस्तक कई दलालो पर शिकंजा
शासन के निर्देश पर आज एटा एआरटीओ कार्यालय पर संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने की कार्यवाही । कार्यवाही से पहले जिले के किसी भी अधिकारी को नहीं थी छापे की भनक । छापे के दौरान कार्यालय से कड़ी पूछताछ के बाद क़रीब आधा दर्जन दलालो की कि गई गिरफ़्तारी । कुछ दलाल ओफिस की छत का सहारा लेकर हुए फ़रार । जेसा की बताया जाता हैं कि संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कार्यवाही से पहले सम्बंधित थाने को भी सूचित नहीं किया था तहसील स्तर के कर्मचारियों को साथ लेकर की गई कार्यवाही ।कई बार एआरटीओ से सम्बंधित स्थानीय न्यूज़ पेपरों मे ख़बर लिखी गईं थी परंतु एआरटीओ ने इस पर ना सचेत होकर अपनी मनमानी तरीक़े से कई दलालों को फ़र्ज़ी तरीक़े से वसुली करने के लिए लगा रखा था ।
पूर्व ज़िलाधिकारी अमित किशोर ने पिछले वर्ष जुलाई माह मे कार्यवाही करके क़रीब दो दर्जन से ज़्यादा दलालों को जेल भेजा था परंतु इन सब कार्यवाही से भी दलाल बेफ़िकर होकर शहर गाँव के लोगों को प्रताड़ित करने से नहीं चुक रहे थे ।
पिछली कुछ यादों को एक बार फिर संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर (IAS) ने ताज़ा कर कर दिया।
कार्यवाही के दौरान सदर तहसीलदार संजीव ओझा ने साथ में रहकर कई दलालों से पूछताछ की । साथ में आए कर्मचारियों ने पुरे ओफिस को चारों तरफ़ से घेर कर सभी दलालों को पकड़ा।
एक दलाल भागने के फ़िराक़ में था उसी समय एसडीएम तंवर ने दौड़ कर उस दलाल को पकड़ लिया।छापे की कार्यवाही इतनी तेज़ गति से की गईं कि किसी को कुछ समझ में नहीं आया ।
कार्यबाही के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर को एआरटीओ हेमचन्द गौतम किसी भी दलाल का ओफिस में होने का सही कारण नहीं बता पाए ।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सभी कार्यालयों के दस्तावेज़ों व गोपनीय कार्यालय को बारीक से देखा ।
एक दलाल को ओफिस के बाथरूम में छुपे होने की ख़बर पर निकाल कर गिरफ़्तार किया गया।
गाँव देहात से आए अपने ड्राइवर लाइसेंस बनवाने उन सभी को कड़ी पूछताछ के बाद छोड़ा गया।
एसडीएम तंवर (आईएएस) की इस कार्यबाही से कई लोगों ने एक बार फिर पूर्व डीएम विजय किरण आनंद को याद किया ।
पूर्व ज़िलाधिकारी अमित किशोर ने पिछले वर्ष जुलाई माह मे कार्यवाही करके क़रीब दो दर्जन से ज़्यादा दलालों को जेल भेजा था परंतु इन सब कार्यवाही से भी दलाल बेफ़िकर होकर शहर गाँव के लोगों को प्रताड़ित करने से नहीं चुक रहे थे ।
पिछली कुछ यादों को एक बार फिर संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर (IAS) ने ताज़ा कर कर दिया।
कार्यवाही के दौरान सदर तहसीलदार संजीव ओझा ने साथ में रहकर कई दलालों से पूछताछ की । साथ में आए कर्मचारियों ने पुरे ओफिस को चारों तरफ़ से घेर कर सभी दलालों को पकड़ा।
एक दलाल भागने के फ़िराक़ में था उसी समय एसडीएम तंवर ने दौड़ कर उस दलाल को पकड़ लिया।छापे की कार्यवाही इतनी तेज़ गति से की गईं कि किसी को कुछ समझ में नहीं आया ।
कार्यबाही के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर को एआरटीओ हेमचन्द गौतम किसी भी दलाल का ओफिस में होने का सही कारण नहीं बता पाए ।
संयुक्त मजिस्ट्रेट ने सभी कार्यालयों के दस्तावेज़ों व गोपनीय कार्यालय को बारीक से देखा ।
एक दलाल को ओफिस के बाथरूम में छुपे होने की ख़बर पर निकाल कर गिरफ़्तार किया गया।
गाँव देहात से आए अपने ड्राइवर लाइसेंस बनवाने उन सभी को कड़ी पूछताछ के बाद छोड़ा गया।
एसडीएम तंवर (आईएएस) की इस कार्यबाही से कई लोगों ने एक बार फिर पूर्व डीएम विजय किरण आनंद को याद किया ।
रिपोर्ट अनन्त मिश्रा/डॉ अनुज प्रताप सिंह

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